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Aatamnirbhar Bihar Ke Liye Pashudhan Ka Mahatv

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बिहार की अर्थव्यवस्था की प्रगति एवं विशेषकर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु कृषि क्षेत्र का विकास अत्यंत आवश्यक है । यह भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा असंगठित क्षेत्र है एवं निजी क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार के अवसर करने वाला अकेला क्षेत्र है । 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य के आबादी का लगभग 80 प्रतिशत कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों में लगा है । कृषि क्षेत्र में नवीनतम विकास की वजह से डेयरी, पील्ट्री, मांस, मछली, बागवानी इत्यादि गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं । आज जितनी भी योजनाएँ शुरू हुई हैं उनके पीछे की सोच ही यही है कि हमारे गाँव 21वीं सदी के आत्मनिर्भर बिहार की ताकत और उर्जा बनें बिहार के 75 लाख किसान पशुपालन मत्स्य और डेयरी उद्योग से जुड़े हुए हैं । ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आय–अर्जित करने के अवसरों को पैदा करने की आवश्यकता है । ग्रामीण पशुपालन क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसरों का सृजन भी वांछित है । गैर कृषि आधारित छोटे और मध्यम उद्यमों पर विशेष ध्यान देने और उन्हें प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है । जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार आ सके आत्मनिर्भर बिहर की आर्थिक प्रक्रिया को प्रोत्साहन के माध्यम से बढ़ावा देने की आवश्यकता है ।

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