Surendra Agnihotri

जीवन मे जुनून नही तो व्यर्थ है जीवन, और जुनून है तो जंग मे जीत होती ही है। ये जंग शत्रु से नही , कुछ कर गुजरने की और कुछ नया कर गुजरने की। यहीं से शुरू होती है Shri Surendra Agnihotri की रचनात्मक यात्रा।