Gyan Prakash Singh

लखनऊ विश्वविद्यालय से बी–एससी– करने के बाद रुड़की विश्वविद्यालय (वर्तमान में आई.आई.टी. रुड़की) से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रैजुएशन किया । तत्पश्चात् उ.प्र. सरकार के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग में राजपत्रित अभियंता अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए जहाँ विभिन्न पदों पर कार्यरत रह कर प्रदेश के अनेकों जनपदों में राजकीय निर्माण योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन एवं सम्पादन किया । सेवा निवृत्ति के पश्चात् लेखन प्रारंभ हुआ । अब तक इनकी कविताओं एवं कहानियों की 7 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनकी प्रशंसा साहित्य प्रेमियों एवं सामान्य पाठकों, दोनों ने किया है ।